देहरादून शहर का दिल माने जाने वाला राजीव गांधी कॉम्प्लेक्स पिछले कुछ सालों से बदहाल हालत का सामना कर रहा है। डिस्पेंसरी रोड पर स्थित इस बहुउद्देशीय कॉम्प्लेक्स में जिला खाद्य आपूर्ति कार्यालय से लेकर तहसील तक कई अहम सरकारी दफ्तर चलते हैं। यह स्थान न केवल सरकारी कार्यों का केंद्र है बल्कि व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण जगह है।

अव्यवस्था की मार
कॉम्प्लेक्स की मौजूदा हालत देखकर कोई भी निराश हो सकता है। जहां कभी रौनक रहती थी, आज वहां गंदगी, कूड़े के ढेर और टूटी-फूटी दीवारों का बोलबाला है। शाम के समय यहां असामाजिक तत्वों की भीड़ जमा हो जाती है, जिससे माहौल और असुरक्षित लगता है। व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक यहां आने से हिचकते हैं और इसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ रहा है।
व्यापारियों की सक्रियता
इसी समस्या को लेकर 15 सितंबर 2025 को व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मेयर सौरभ थपलियाल से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज मैसोंन ने किया। उनके साथ कॉम्प्लेक्स संयोजक केवल कुमार, उपाध्यक्ष जसपाल छाबड़ा और अन्य व्यापारी भी मौजूद थे।
व्यापारियों ने मेयर को एक लिखित पत्र सौंपा, जिसमें कॉम्प्लेक्स के सौंदर्यीकरण और सुधार की मांग की गई। पंकज मैसोंन ने साफ कहा कि यह कॉम्प्लेक्स केवल व्यापार का केंद्र नहीं है, बल्कि पूरे शहर के नागरिकों के लिए जरूरी है। लेकिन अव्यवस्था और बदहाली से न केवल कारोबार ठप हो रहा है बल्कि देहरादून की छवि भी धूमिल हो रही है।
मेयर का आश्वासन
बैठक के दौरान मेयर सौरभ थपलियाल ने व्यापारियों की चिंताओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए और कहा कि राजीव गांधी कॉम्प्लेक्स का सौंदर्यीकरण जल्द शुरू होगा। मेयर ने आश्वासन दिया कि यह काम प्राथमिकता पर किया जाएगा ताकि व्यापारियों और आम जनता को राहत मिल सके।
सौंदर्यीकरण की योजनाएं
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस योजना में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर करना, दीवारों और भवनों की मरम्मत, नई पेंटिंग, प्रकाश व्यवस्था में सुधार और मूलभूत सुविधाओं को पुनः स्थापित करना शामिल होगा। इसके लिए बजट और योजना पर पहले से ही काम किया जा रहा है।
व्यापारी समुदाय को उम्मीद है कि इस सौंदर्यीकरण से न केवल व्यापार में रौनक लौटेगी, बल्कि ग्राहकों का विश्वास भी बहाल होगा।
भविष्य की संभावनाएं
अगर यह काम समय पर पूरा होता है, तो राजीव गांधी कॉम्प्लेक्स एक बार फिर से शहर का आकर्षण बन सकता है। यहां काम करने वाले सरकारी कार्यालयों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी और आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी। साथ ही यह कदम देहरादून को एक स्वच्छ और व्यवस्थित स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में भी अहम साबित होगा।
निष्कर्ष
राजीव गांधी कॉम्प्लेक्स के सौंदर्यीकरण की पहल एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण शुरुआत है। इससे यह साबित होता है कि जब व्यापारी समुदाय और प्रशासन मिलकर काम करते हैं, तो शहर के विकास की राह आसान हो जाती है। अब देहरादूनवासियों की नजरें इस पर टिकी हैं कि मेयर का वादा कब हकीकत में बदलता है।